सहभागी एकजुटता से खेलों का भविष्य

सहभागी एकजुटता से खेलों का भविष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित 'चिंतन शिविर 2026' भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। 'श्रीनगर खेल संकल्प' के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच सहभागी संघवाद पर जोर दिया गया है, जिसका लक्ष्य 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की सफल मेजबानी और 2036 ओलंपिक की पदक तालिका में शीर्ष 10 में शामिल होना है। पीएम मोदी के 'खेलो इंडिया' विजन को आगे बढ़ाते हुए, यह रणनीति जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज, आधुनिक बुनियादी ढांचे और पूर्व चैंपियनों को कोचिंग से जोड़ने पर केंद्रित है। यह एकीकृत दृष्टिकोण भारत के खेल सपनों को केवल एक आकांक्षा नहीं, बल्कि एक साध्य वास्तविकता बनाने का रोडमैप तैयार करता है।

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